बीसीसीएल के जीएम समेत 7 अफसरों और एटी लिब्रा के ठिकानों पर सीबीआई छापा

बीसीसीएल के जीएम समेत 7 अफसरों और एटी लिब्रा के ठिकानों पर सीबीआई छापा

बीसीसीएल के जीएम समेत 7 अफसरों और एटी लिब्रा के ठिकानों पर सीबीआई छापा

सगीना महतो, झारखण्ड ब्यूरो बीबीसी लाइव
अब्दुल सलाम क़ादरी(एडिटर बीबीसी लाइव)-
  • अफसरों की मिलीभगत से आउटसोर्सिंग कंपनी ने 22 करोड़ का ओबी घोटाला किया
  • बीसीसीएल ने अविनाश ट्रांसपोर्टिंग-लिब्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को कोयला उत्खनन का ठेका सौंपा था

धनबाद. बीसीसीएल ईस्टर्न झरिया एरिया के जीएम पीके दुबे समेत सात कोयला अफसरों के आवास और धनबाद स्थित आउटसोर्सिंग कंपनी एटी-लिब्रा के दफ्तर में सीबीआई ने गुरुवार को छापेमारी की। सीबीआई की कार्रवाई बस्ताकोला एरिया के चांद कुइयां व गोलकडीह ओपेनकास्ट में ओवरबर्डेन घोटाले के सिलसिले में हुई।

जांच में 35 लाख क्यूबिक मीटर ओबी गायब मिला
बीसीसीएल ने अविनाश ट्रांसपोर्टिंग-लिब्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को कोयला उत्खनन का ठेका सौंपा था। सीबीआई का दावा है कि बस्ताकोला क्षेत्र में तैनात जीएम समेत अन्य अफसरों की मिलीभगत से एटी-लिब्रा ने जाली बिल से बीसीसीएल से 22.16 करोड़ से अधिक का भुगतान हासिल किया है। भुगतान लेने के लिए एटी-लिब्रा ने 35,30,769 क्यूबिक मीटर ओबी (कोयला मिलने तक जमा होने वाला मिट्‌टी-पत्थर) हटाने के जाली बिल दिए। सीबीआई ने शुक्रवार को जीएम समेत 7 अधिकारियों के साथ आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि राहुल सिंह के खिलाफ नामजद केस दर्ज करने के साथ ही उनके ठिकानों पर एक साथ छापे मारे।

बीसीसीएल ने अविनाश ट्रांसपोर्टिंग-लिब्रा आउटसोर्सिंग कंपनी को कोयला उत्खनन का ठेका सौंपा था। सीबीआई का दावा है कि बस्ताकोला क्षेत्र में तैनात जीएम समेत अन्य अफसरों की मिलीभगत से एटी-लिब्रा ने जाली बिल से बीसीसीएल से 22.16 करोड़ से अधिक का भुगतान हासिल किया है। भुगतान लेने के लिए एटी-लिब्रा ने 35,30,769 क्यूबिक मीटर ओबी (कोयला मिलने तक जमा होने वाला मिट्‌टी-पत्थर) हटाने के जाली बिल दिए। सीबीआई ने शुक्रवार को जीएम समेत 7 अधिकारियों के साथ आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि राहुल सिंह के खिलाफ नामजद केस दर्ज करने के साथ ही उनके ठिकानों पर एक साथ छापे मारे।

इनके खिलाफ छापे

पीके दुबे, बस्ताकोला एरिया के तत्कालीन महाप्रबंधक, अभी ईस्टर्न झरिया एरिया में जीएम एके झा, बस्ताकोला एरिया के एजीएम एमके सिंह, बस्ताकोला के एरिया सर्वे ऑफिसर बीके झा, कुइयां ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के तत्कालीन प्रोजेक्ट ऑफिसर, अभी कोयला नगर में तैनाती एनसी घोष, कुइयां ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के तत्कालीन कोलियरी मैनेजर, अभी बस्ताकोला में सुरक्षा पदाधिकारी के रूप में तैनात अरुण कुमार, कुइयां ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के कोलियरी मैनेजर ललन कुमार सिंह, कुइयां ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के कोलियरी सर्वेयर एटी-लिब्रा बीपीएल (ज्वाइंट वेंचर), लिब्रा हुंडई कैट, बैंक मोड़, धनबाद (प्रतिनिधि राहुल सिंह)
ओबी हटाने के नाम पर गोरखधंधे की शिकायतों पर सीबीआई, सीएमपीडीआईएल और कोल इंडिया की विजिलेंस टीमों ने 8-9 मार्च 2018 को औचक जांच की थी। जांच से एक दिन पहले के दस्तावेज में अंकित था कि परियोजना में 2 करोड़ 13 लाख 97 हजार 036 क्यूबिक मीटर ओबी हटाया गया है, जबकि जब ओबी की थ्रीडी लेजर स्कैनर मशीन से जांच हुई तो वहां 1 करोड़ 16 लाख 66 हजार 543 क्यूबिक मीटर ओबी मिला। एटी-लिब्रा ने अफसरों की मिलीभगत से जाली वाउचर लगाकर 22.16 करोड़ का भुगतान ले लिया। बीसीसीएल ने 8 फरवरी 2012 को एटी-लिब्रा को बस्ताकोला एरिया के एनसी प्रोजेक्ट में ओबी हटाने और कोयला उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग का वर्कऑर्डर दिया था।

बीबीसी लाईव

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