नई दिल्ली (4 दिसंबर): उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी का नाम सामने आया है। इस कांड का मुख्य आरोपी योगेश राज को बताया जा रहा है। योगेश राज के अलावा 80 लोगों पर मुक़दमा दर्ज किया गया है। योगेश राज बजरंग दल का जिला संयोजक बताया जा रहा है। अभी तक इस मामले में 3 लोगों गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में बुलंदशहर की स्याना कोतवाली में उपनिरीक्षक सुभाष सिंह ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज, भाजपा युवा स्याना के नगराध्यक्ष शिखर अग्रवाल, विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव को भी किया नामजद। वहीं इस मामले में बुलंदशहर के एसएसपी का कहना है कि हम मामले की जांच कर रहे हैं , जो लोग भी हैं उनको बख्शा नही जाएंगा, कौन किस संगठन से हैं अभी इसकी जांच होगी,अभी बहुत कुछ अभी सामने आना बाकी है।

बुलंदशहर घटना में प्रशासन जिम्मेदार है, ये शर्मनाक बयान न्यूज 24 से बातचीत में बुलंदशहर के विधायक ने दिया है। उन्होंने न्यूज 24 से बात करते हुए कहा है कि घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार है। पहले पुलिस की तरफ से फायरिंग की गई, उसके बाद वहां पर भीड़ उग्र हुई। बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस ने अबतक 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं 28 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।

आपको बता दें कि सोमवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित गोकशी को आधार बनाकर की गई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या कर दी गई। उत्तेजित हथियारबंद भीड़ ने न सिर्फ पुलिस चौकी में तांडव मचाते हुए वाहनों को आग के हवाले किया, बल्कि घायल हुए इंस्पेक्टर को जान बचाने का कोई मौका तक नहीं दिया। यहां तक कि जब सुबोध कुमार के ड्राइवर ने उन्हें पुलिस वैन से अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो वैन को ही तहस नहस कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान लोग शांत हो गए और थाने में एफआईआर लिखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार और बुलंदशहर के जिलाधिकारी ने बताया कि इसके थोड़ी देर बाद आसपास के तीन गांव से करीब 400 की संख्या में लोग ट्रैक्टर ट्रॉली में अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के बाहर पहुंच गए। पुलिस चौकी के बाहर जब भीड़ ने स्याना रोड जाम कर दिया तो इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के नेतृत्व में उग्र लोगों को समझाने की कोशिश की गई। लेकिन जल्द ही हालात बेकाबू हो गए और पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया. भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया, जमकर पत्थरबाजी की गई। हमले में घायल एक पुलिसकर्मी ने आजतक को बताया कि भीड़ ने चारों तरफ से पुलिस पर हमला कर सबको तितर-बितर कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली लग गई।

बुलंदशहर के जिलाधिकारी अनुज झा का कहना है कि, ‘भीड़ हथियार के साथ चौकी के बाहर पहुंची थी। उनके पास धारदार हथियार और लाठी-डंडे भी थे।’ जाम खुलवाने को लेकर संघर्ष हो गया और पत्थरबाजी व आगजनी के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार भी घायल हो गए। बुलंदशहर के जिलाधिकारी के मुताबिक, ‘यहां घायल होने के बाद वह नजदीकी खेत में ऊंचे मेढ़ के पीछे चले गए। जब सुबोध के ड्राइवर ने उन्हें इस हालत में देखा तो वह गाड़ी लेकर पहुंचे और सुबोध कुमार को उठाकर गाड़ी में बैठाया।’ जब गाड़ी में सुबोध कुमार को ले जाया गया, तो ग्रामीण वहां भी आ गए और पथराव कर दिया। जब गाड़ी को निशाना बनाया गया तो बाद में कुछ और पुलिसबल वहां पहुंचा और सुबोध कुमार को दूसरी गाड़ी में लेकर अस्पताल ले जाया गया। जब सुबोध कुमार को पुलिस अस्पताल ले गई तो बाद में वहां मौजूद भीड़ ने पुलिस वैन में भी आग लगा दी। बहरहाल, घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। साथ ही न्यायिक जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि क्या किसी साजिश के तहत इस घटना को हिंसक रूप दिया गया और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या की गई

सौजन्य न्यूज़ 24