BSNL के लिये jio बनी सौतन, Bsnl की बर्बादी की वजह सरकार

BSNL के लिये jio बनी सौतन,  Bsnl की बर्बादी की वजह सरकार

BSNL के लिये jio बनी सौतन, Bsnl की बर्बादी की वजह सरकार

🖊 क़ादिर रज़वी

जब बाड़ खेत को खाएगी,
तो
इन्कलाब की आंधी आएगी।
सरकार द्वारा BSNL को
1. पूरे 7 साल तक network upgrade करने के लिए equipment परचेज करने की परमिशन ना देना।
2. 4G spectrum allot ना करना।
3. Reliance JIO द्वारा predatory pricing से टेलीकॉम सेक्टर पर monopoly स्थापित करने की कोशिश में, समस्त टेलीकॉम सेक्टर को अपूर्व घाटे के कारण, अपने operations चलाने के लिए लोन लेना पड़ रहा है। इसी के चलते एयरटेल, VODAPHONE-IDEA, जहां तक कि RELIANCE JIO भी एक लाख करोड़ से ज्यादा का लोन ले चुके हैं ।
सरकार BSNL को लोन लेने से रोक रही है- इसी दिशा में चलते DoT ने बीएसएनएल को letter of comfort नहीं दिया जिससे BSNL loan नहीं ले पा रहा। पैसे की कमी के चलते,
BSNL कोई भी पेमेंट समय से नहीं कर पा रहा है जिसके फल स्वरुप बिजली के बिल ना भरने के कारण, यदा कदा भारी हर्जाना भरना पड़ता है। और भी किसी परकार कि कोई पेमेंट नहीं हो रही – कर्मचारियों के मेडिकल बिल हों या वेंडरों की पेमेंट, यहां तक कि GPF के पैसे जो बीएसएनएल कर्मचारियों की SALARY में से काट लेता है – DoT को हर महीने जमा करवाने के लिए वो भी जमा नहीं करवा पा रहा।
इस सब के वावजूद सरकार बीएसएनएल से अपनी सरकारी स्कीमों के लिए बहुत ही कम दर पर काम करवा रही है जो की बीएसएनएल के घाटे को और बढ़ा रहे हैं।
रेलवे के तीन लाख से ज्यादा connections Reliance JIO को दिए गए।
बीएसएनएल के घाटे की जिम्मेवारी कर्मचारियों पर डाल कर, दस वर्ष में एक बार दिया जाने वाला pay revision भी सरकार देना नहीं चाहती।
सरकार की मंशा बीएसएनएल को बंद कर रिलायंस जिओ का एकाधिकार (monopoly) स्थापित करने की है। इसी दिशा में सरकार ने बीएसएनएल को टुकड़ों में बांटना शुरू कर दिया है – पहले BBNL बना दिया, फिर Tower Subsidiary बना दी जिसमें बीएसएनएल के सभी टॉवर्स तो ट्रांसफर कर दिया – अब बीएसएनएल अपने ही टॉवर्स का रेंट देगा।
यह अनुमान है कि यह tower subsidiary Reliance JIO को बेच दी जाएगी।
यह बात भारत सरकार के माननीय minister of state for telecom se Feb 2018 में हुई थी, उनके पूर्ण आश्वासन के वावजूद 9 महीने बाद भी कोई काम नहीं हुआ। ना 4G spectrum मिला , ना लोन और ना ही पे रिवीजन।
ऐसी स्थिति में कर्मचारियों के पास बीएसएनएल को बचाने व अपना हक पाने का हड़ताल के सिवा कोई रास्ता नहीं बचता।
एक बात और
यदि सरकार रिलायंस जिओ की monopoly स्थापित करने में सफल हो गई तो आप जो दुनिया का सबसे सस्ता टेलीकॉम service enjoy कर रहे हो, कुछ हो दिनों में सबसे ज्यादा पे कर रहे होंगे।
USA में एक Gb data $2.5 में मिलता है, जो UAE में $6.83 है।
जबकि आज भारत में सिर्फ $0.05 में ही उपलब्ध है।
सभी भारतवासियों से यही अपील है कि यदि भविष्य में प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स की लूट से बचना है तो बीएसएनएल के कर्मचारियों साथ दें।

बीबीसी लाईव

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