2013 में ऐतिहासिक टंकी को तोड़ने में हुआ था लाखों रुपए का घोटाला

2013 में ऐतिहासिक टंकी को तोड़ने में हुआ था लाखों रुपए का घोटाला

2013 में ऐतिहासिक टंकी को तोड़ने में हुआ था लाखों रुपए का घोटाला

नवीन शर्मा,
रेवाड़ी हरियाण

3 साल पहले जांच में दोषी अफसरों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ा,

पार्षद ,तत्कालीन ईओ ,सचिव , एमई ,जेई व अन्य कर्मचारी जांच में दोषी,

शहर के मोहल्ला खासापुरा में बनी ऐतिहासिक पानी की टंकी को तोड़ने के मामले में भ्रष्टाचार का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है इस मामले में तत्कालीन एसडीएम द्वारा 3 साल पहले की गई जांच में साफ तौर पर नगर परिषद के प्रधान, पार्षद से लेकर तमाम अधिकारियों को दोषी पाया गया है लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया मामला तूल न पकड़ ले इसके लिए जांच की फाइल को पूरे 3 साल तक दबाए रखा ।

अब शिकायतकर्ता ने आरटीआई के जरिए तमाम दस्तावेज एकत्रित करने के बाद दोषी लोगो के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डीसी को शिकायत दी है। शहर के मोहल्ला खासापुरा में दशको पुरानी ऐतिहासिक टंकी बनी हुई थी इस टंकी के ज़रिए ही शहर में पानी की सप्लाई होती थी टंकी तांबा, लोहा व अन्य धातु से बनी हुई थी 30 अक्टूबर 2016 को अचानक नगर परिषद ने गुपचुप तरीके से इस टंकी को तोड़ने का काम शुरू कर दिया 10 दिन के भीतर ही टंकी को जमींदोज कर दिया । टंकी से निकल लाखों रुपए का कबाड़ नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी डकार गए मामले ने तूल पकड़ा तो वर्ष 2014 में इसकी जांच शुरू हुई जांच का जिम्मा तत्कालीन एसडीएम को दिया गया एसडीएम ने अपनी जांच पूरी करते हुए भ्रष्टाचार के इस मामले में शामिल तमाम अधिकारी व जनप्रतिनिधि के बयान दर्ज किए और सभी को दोषी ठहराते हुए मात्र एक व्यक्ति तत्कालीन नगर परिषद के ईओ अनुभव कम होने का नाम दिया गया बाकी सभी को दोषी ठहराते हुए उच्च अधिकारियों को कार्रवाई की अनुशंसा की गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर सभी दोषियों को वर्ष 2015 में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया

बाईट:- साकेत ढींगरा , शिकायत कर्ता

बीबीसी लाईव

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