छत्तीसगढ़ / पहले चरण के लिए जिले से भेजी गईं 39 बसें, 6 हजार यात्री रोज हो रहे परेशान

छत्तीसगढ़ / पहले चरण के लिए जिले से भेजी गईं 39 बसें, 6 हजार यात्री रोज हो रहे परेशान

छत्तीसगढ़ / पहले चरण के लिए जिले से भेजी गईं 39 बसें, 6 हजार यात्री रोज हो रहे परेशान

बालको बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री
बीबीसी लाइव-
  • समस्या : दोनों चरणों के चुनाव तक निर्वाचन विभाग के नियंत्रण में रहेंगी बसें, करीब 1 माह बाद लौटेंगी सड़क पर
  • बसों में दुर्ग पहुंची पैरामिलिट्री फोर्स को पहले चरण के चुनाव के लिए रवाना किया, दूसरे चरण में भी होगा अधिग्रहण

कोरबा. विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही निर्वाचन विभाग की तैयारियां व कार्रवाई तेज हो गई हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पैरामिलिट्री व पुलिस फोर्स को भेजने बसों का अधिग्रहण भी शुरू कर दिया गया है। रायपुर निर्वाचन आयोग से डिमांड मिलने के बाद मंगलवार को जिला परिवहन विभाग की टीम ने शहरी क्षेत्र में 39 बसों का अधिग्रहण करके उन्हें रायपुर-दुर्ग के लिए रवाना किया।

उक्त बसों में बाहरी राज्यों से दुर्ग पहुंची पैरामिलिट्री फोर्स को पहले चरण के चुनाव के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा आगे और भी बसों का डिमांड के अनुसार अधिग्रहण किया जाएगा। निर्वाचन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि पहले व दूसरे चरण के लिए जिले से कुल 8 दर्जन यात्री बसों का अधिग्रहण किया जाएगा। इस तरह जिले में चलने वाले बसों में लगभग आधे बस के चुनाव ड्यूटी में लग जाने के कारण लगभग 1 माह तक यात्री सुविधा पर असर रहेगा।

 

चुनाव के बाद ही बसों की सड़कों पर होगी वापसी 
इधर थोक में बसों के अधिग्रहण होने के बाद से शहर से उपनगरीय क्षेत्रों के अलावा सभी रूट पर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर रेलवे स्टेशन जाने वालों समेत कामकाजी लोगों व स्कूल छात्रों को आवागमन में दिक्कत होने लगी है। प्रतिदिन औसतन ऐसे दैनिक सफर करने वाले 6 हजार लोग परेशान हो रहे हैं।

 

परिवहन विभाग ने जिन 39 बसों का अधिग्रहण करके रायपुर-दुर्ग भेजा, इसमें 9 सिटी व 30 सामान्य बसें 
जिला परिवहन विभाग ने जिन 39 बसों का अधिग्रहण करके रायपुर-दुर्ग भेजा है उनमें 9 सिटी बस व 30 सामान्य बसें है। इनमें ज्यादातर बसें शहरी क्षेत्र में चलने वाले हैं। दूसरे जिलों से आने वाले ज्यादातर बसें आधे रास्ते से ही वापस लौटकर अधिग्रहण से बच गई थी।

 

दरअसल बस मालिकों ने मंगलवार को शहर में बसों को बीच रास्ते में सवारी उतारकर अधिग्रहण किए जाने की जानकारी मिलते ही चालकों को यात्रियों को बीच रास्ते में किसी भी बस स्टैंड में छोड़कर वहां से वापसी की सवारी लेकर लौटने को कह दिया गया था। इसलिए उपनगरीय क्षेत्र से शहर के बीच चलने वाली ज्यादातर बसें अधिग्रहण के जद में आ गई।

डिमांड के अनुसार हो रहा है बस अधिग्रहण 
डीटीओ गौरव साहू ने बताया कि निर्वाचन विभाग के डिमांड के अनुसार बसों व अन्य वाहनों का अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पहले चरण के लिए मंगलवार को जिले से 39 बसों का अधिग्रहण करके रवाना किया गया है। आगे और भी वाहनों का अधिग्रहण किया जाएगा।

ऑटो का सफर यात्रियों की जेब पर भारी 
शहर से बालको, रजगामार, दर्री, दीपका, बांकी मोंगरा रूट की ज्यादातर बसों का अधिग्रहण होने के बाद उक्त रूट पर यात्रियों को आवाजाही के लिए ऑटो में सफर करना पड़ रहा है। लेकिन ऑटो संघ के किराया बढ़ा देने की वजह से यात्रियों के लिए ऑटो में सफर करना उनके जेब पर भारी पड़ रहा है। खासकर रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

बीबीसी लाईव

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