देश में फिर एकबार दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने को तैयार – नन्द बिहारी यादव

देश में फिर एकबार दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने को तैयार – नन्द बिहारी यादव

देश में फिर एकबार दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने को तैयार – नन्द बिहारी यादव

बीबीसी लाइव बंगाल बिहार-

आसनसोल :- “बहुजन क्रान्ति मोर्चा” के तत्वाधान में दुर्गापुर से आसनसोल तक17 सितम्बर की “परिवर्तन रैली” का समापन सभा आसनसोल के मिनी मनोज टॉकीज सिनेमा हॉल के सभागार में आयोजित हुआ. सभा को सम्बोधित करते हुए बतौर विशेष अतिथि राजद पश्चिम बंगाल के प्रदेश महासचिव और वरीय अधिवक्ता नन्द बिहारी यादव ने कहा कि आज- भारत एक बार फिर से गुलाम हो गया है, सोलहवीं शताब्दी में ब्रिटेन से ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार करने के बहाने भारत में आई और भारत के गणतंत्र को ध्वस्त कर यहाँ के शासन पर अपना अधिकार जमा लिया और हमपर हुकूमत करने लगी. उसके बाद पूरे भारत में जन क्रांति हुई और देश के हिंदू-मुस्लिम-सिख-इसाई सभी धर्म के लोग भारतीय बनकर एक सूत्र में बांध गए और एक लक्ष्य के गणतंत्र भारत को 1947 में आजादी दिलाई. आजादी की लड़ाई के दौरान में आरएसएस जो अंग्रेजों की दलाल थे, अंग्रेजों की चापलूसी करते थे, वे अंग्रेजो के साथ मिलकर उस वक्त भी हम भारतीयों पर अत्याचार किए और वही आरएसएस ढोंग-पाखंड-आडंबर-अंधविश्वास के तथाकथित हिंदू धर्म के आड़ में जनता को गुमराह कर एक बार फिर से भारत को गुलाम बना दिया है, उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी भारत को गुलाम बनाई थी, आज अडानी-अंबानी-मोदी-माल्या एंड कंपनी ने भारत को गुलाम बनाया है. उस वक्त भी ईस्ट इंडिया कंपनी भारत को लूट कर यहाँ का सारा धन लंदन ले गई और आज भी मोदी एंड कंपनी भारत का धन लूटकर लंदन ले जा रहे हैं, लेकिन आरएसएस और बीजेपी की सरकार जिस साजिश के तहत धोखाधड़ी कर जनता को गुमराह कर रही है और देश में धार्मिक जातीय उन्माद फैलाकर देश की जनता को गृह युद्ध में झोंककर राजनीति और शासन करना चाहती है. जो अब नहीं चलेगा, बहुजन क्रांति मोर्चा और देश के कई संगठन85% जनता दलित पिछड़े अल्पसंख्यक समाज से आते हैं, जो भारतीय मूल के लोग हैं. वह अब इस आरएसएस की देशद्रोही सरकार और सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए परिवर्तन रैली कर रहे हैं. श्री यादव ने दलित-पिछड़े-बहुजन समाज के लोगों से अपील की करो या मरो की स्थिति है, क्योंकि पूरे भारत में अराजकता और आपातकाल लगा हुआ है, जो कि अप्रत्यक्ष रूप से देश की जनता के मौलिक अधिकारों को खत्म कर रहा है. यहां विद्वान-क्रांतिकारी जनता के हित की बात करने वाले लोग संविधान के हित की बात करने वाले कानून की हित की बात करने वाले लोगों को झूठे और फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है, नहीं तो उनको धार्मिक उन्माद फैलाकर उनकी हत्या करा दी जा रही है. यह आरएसएस और बीजेपी की नरेंद्र मोदी सरकार देश को खंड-खंड कर देश को लूट कर खत्म करना चाहती है. नंद बिहारी यादव ने जनता से और बहुजन समाज के लोगों से अपील किया कि अब समय आ गया है कि एक बार फिर 1947 के बाद अब देश को दूसरी आजादी दिलाने के लिए संघर्ष किया जाए. उस समय अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ते थे और आज भी उसी अंग्रेज के एजेंट और दलाल है. उसको याद दिलाना होगा और देश से मनुवाद तंत्र को खत्म कर लोकतंत्र का शासन लागु करना होगा. जिसमें जनता का शासन जनता के लिए जनता के द्वारा होगा और पूंजीवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए पूंजी पतियों की हुकूमत को खत्म करने के लिए आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए अब हमें करो या मरो का नारा देकर अफसरों से लेकर संसद तक लड़ना होगा. यही हम सारे बहुजनों का संकल्प होगा. उन्होंने परिवर्तन यात्रा के लक्ष्य को बताते हुए कहा कि परिवर्तन यात्रा का मूल उद्देश्य देश से आरएसएसऔर बीजेपी के राष्ट्रद्रोही नीति पर आधारित सरकार को खत्म कर गणतंत्र की सरकार बनाना ही हमारा लक्ष्य है. जिसमें आम जनता का शासन हो, आम जनता की सरकार हो और आम जनता के अधिकारों और भारत के संविधान की रक्षा हो सके. यही बहुजन क्रांति मोर्चा का संकल्प होगा. आज की सभा में बहुजन क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय स्तर के नेता किंकर माझी, विश्वनाथ बाउरी, अशोक मुर्मू, मुफ्ती सईद कासमी और स्थानीय नेता मंच पर मौजूद थे. सभा के पहले रैली के समापन होने पर सभी नेताओं ने अपने विचार रखे. सभा में मुख्य रूप से रंजीत केवट, सुशील रुईदास, राधा हेला और अनुसूचित-जाति, अनुसूचित-जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिनिधि उपस्थित थे. हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल एवं वाहनों से रैली का आयोजन किया गया और सभा में भी भारी संख्या में लोग पहुंचे थे.

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