ताजा खबर :

छत्तीसगढ़ वन विभाग में वो 6 घोटाले जो 9 साल के बीच हुए सभी जांच अधूरी?

छत्तीसगढ़ वन विभाग में वो 6 घोटाले जो 9 साल के बीच हुए सभी जांच अधूरी?

छत्तीसगढ़ वन विभाग में वो 6 घोटाले जो 9 साल के बीच हुए सभी जांच अधूरी?

अब्दुल सलाम क़ादरी, खबर 30 दिन,बीबीसी लाइव-

मिलीभगत: 9 साल के बीच जंगल में हुए 6 घोटाले सभी में शिकायत, जांच एक में भी पूरी नहीं हो पाई-

छत्तीसगढ़-
भ्रष्टाचार के बड़े मामले होने के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने सख्त कार्रवाई करने की बजाय उन पर अपने हाथ सेंके। पिछले 9 साल से चल रहे ऐसे मामलों पर सिर्फ जांच चल रही है कहकर मामले को टालते रहे। अफसरों की मिलीभगत के कारण ही आरोपी अफसर बेखौफ होकर अपनी नौकरी करते रहे। गोबर खाद घोटाला, मजदूरी भुगतान का 55 लाख व 9 करोड़ का घोटाला, ट्रांजिट हॉस्टल की 50 लाख की राशि का घोटाला आदि शामिल है।

वन विभाग में इतने बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के मामले हुए हैं कि अब तक आरोपी अफसरों पर निलंबन और बर्खास्त की कार्रवाई हो जानी चाहिए थी, लेकिन यह कार्रवाई तो दूर की बात है उन पर 9 साल बीतने के बाद जांच तक पूरी नहीं हो पाई है। मजे की बात है कि विभाग के अफसरों ने उन अधिकारियों को जांच अधिकारी बनाया है जो पहले ही मामले में फंसे हैं। दरअसल उच्च पदों पर बैठे अफसरों ने कभी नहीं चाहा कि भ्रष्टाचार मामलों में लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई हो। यही वजह है कि ऐसे सभी मामलों की जांच चलती रही। इन मामलों में जब भी जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी तक नहीं भेजी। नतीजा यह हुआ कि जांच की फाइल समय के साथ दबा दी गई और पूछने पर अफसर जांच चल रही है का रटा रटाया जवाब देते रहे। तत्कालीन बिलासपुर वनमंडल के डीएफओ डीपी साहू से उनके मोबाइल नंबर 7587012800 पर संपर्क किया गया वहीं सीसीएफ आनंद बाबू के मोबाइल नंबर 7587012000 पर भी मामलों के संबंध में कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इन मामलों पर कभी भी चर्चा करना भी उचित नहीं समझा।

आला अफसरों को अंधेरे में रखा, सालों से वन विभाग में चल रहा है भ्रष्टाचार का कारोबार

पूर्व से मामलों में फंसे अधिकारी ही कर रहे हैं जांच, पूछने पर देते हैं गोल मोल जवाब

यह हैं वे मामले जिनकी या तो फाइल दबा दी गई या मामले का पता ही नहीं चला

1

9 साल बाद भी मजदूरों को नहीं हो पाया भुगतान

पांच साल पहले वर्ष 2012 में विभिन्न विभागों के सहयोग से आम्रकुंज योजना चलाई गई थी। इस योजना में वन विभाग को भी नौ करोड़ की राशि से पौधरोपण की जिम्मेदारी दी गई थी। नौ करोड़ की राशि खर्च करने के बाद न पौधे बचे और न मजदूरी भुगतान हुआ। पूरे मामले में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद आरोपी अफसरों के खिलाफ जांच बैठा दी गई जिसकी जांच अब तक पूरी नहीं हो पाई। मामले में मजदूरों के नाम निकाली गई राशि का भुगतान नहीं किया गया था।

सचिव ने मांगी जानकारी

विभाग के सचिव सीके खेतान से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने इन मामलों से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि आप जिन मामलों की बात कर रहे हैं उसकी पूरी जानकारी मुझे दीजिए ताकि मैं पता कर सकूं कि आखिरकार उनकी स्थिति क्या है। वे कौन अधिकारी है जिनकी जांच चल रही है और कौन इसकी जांच कर रहे हैं।

वे अधिकारी जिन पर चल रही जांच

डीएन त्रिपाठी एसडीओ कोटा परिक्षेत्र

एचबी खान,वर्तमान में अधीक्षक कानन पेंडारी

नमित तिवारी, फारेस्ट गार्ड

बलराम तिवारी रेंजर तत्कालीन रेंजर कोटा परिक्षेत्र

2

55 लाख के घोटाले में मजदूरों की राशि निकाली

कोटा परिक्षेत्र में फरवरी-मार्च 2017 में मजदूरी भुगतान होना था। मजदूरी भुगतान की राशि सीधे मजदूरों के खाते में जानी थी लेकिन एेसा नहीं हुआ। सेल्फ चेक के जरिए मजदूरी भुगतान की राशि निकालकर गड़बड़ी होती रही । इस मामले में बेलगहना रेंजर बलराम तिवारी व एसडीओ डीएन त्रिपाठी के खिलाफ फर्जी वाउचर बनाकर मजदूरी भुगतान करने की शिकायत की गई थी। अब इस मामले में सेल्फ चेक से मजदूरी भुगतान की राशि निकालने की बात सामने आई है।

20 लाख की राशि का तो पता नहीं चला लेकिन बिलासपुर वन मंडल कार्यालय के ऊपर जियोमेट्रिक सेंटर जरूर बन गया। यह बिल्डिंग वर्तमान में 13 लाख की राशि से बनाई जा रही है।

3

अधिक दर पर विभाग ने खरीदा गोबर खाद-

वन विभाग ने फैय्याज अहमद ग्राम मेलनाडीह जिला बिलासपुर को 26 फरवरी 2016 को गोबर खाद व उपजाऊ मिट्टी के लिए टेंडर को मंजूरी दी थी। इसमें गोबर खाद को 89.30 रुपए प्रति क्विंटल व उपजाऊ मिट्टी 262 रुपए प्रति घन मीटर की दर से खरीदना मंजूर किया था। उन्होंने इसके अलावा खुद भी अधिक कीमत पर गोबर की खरीदी कर ली। अफसरों ने जिस रेट पर टेंडर दिया था उससे अधिक कीमत पर खुद खरीदी की थी।

4

बगैर मंजूरी के 27 लाख का गोबर खाद घोटाला

एक अन्य गोबर खाद घोटाले के मामले में विभाग ने नर्सरी में पौधे तैयार करने व तैयार पौधों को प्लांट में लगाने के लिए वन विभाग ने 27 लाख रुपए में गोबर खाद खरीदी की थी। इसके लिए बिलासपुर वनमंडल के तत्कालीन एसडीओ एचबी खान ने सक्षम अधिकारी से स्वीकृति नहीं ली थी। इस मामले में मोटरसाइकिल के नंबर को बिल में दर्ज कर डंपर और ट्रैक्टर से सप्लाई करना बताया गया। इस मामले में एचबी खान को आरोप पत्र जारी किया गया है।

50 लाख के ट्रांजिट हॉस्टल की राशि का पता नहीं

राज्य शासन ने वन विभाग को वर्ष 2009-10 में ट्रांजिट हॉस्टल के लिए 50 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई थी। वर्ष 2009-10 में दी गई इस राशि को ही विभाग के ही अफसरों ने हजम कर लिया। यह ट्रांजिट हॉस्टल कोनी में बनना था। वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए संभागीय मुख्यालय बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग एवं रायपुर में छात्रावास की सुविधा मुहैया कराने के लिए ट्रांजिट हॉस्टल की योजना बनाई गई थी।

5

सीधी बात

सही बात है लेकिन जांच नहीं कर रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं

यदुनाथ डडसेना, एसडीओ, सीसीएफ कार्यालय

छह ऐसे बड़े मामले हैं जिनमें 9 साल बाद भी जांच पूरी नहीं पाई क्यों?

– जांच अधिकारी तो उसी तरफ से नियुक्त होते हैं। जांच नहीं कर रहे हैं तो क्या कर सकते हैं।

जांच नहीं कर रहे हैं तो हमने क्यों संज्ञान नहीं लिया‌? उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट क्यों नहीं की?

– इसके संबंध में मैं तो देखकर ही बता पाऊंगा। यह मामले मेरे आने से पहले के हैं।

आपको यहां आए तो एक समय हो चुका है? मामले आपकी जानकारी में नहीं हैं क्या?

– नहीं जानकारी में तो हैं लेकिन कब से मामले हैं। क्या है यह नहीं मालूम।

आप सीसीएफ कार्यालय में एसडीओ हैं? आप लोगों ने संज्ञान में क्यों नहीं लिया।

– सही बात है। आप सही कर रहे हैं। मैं देखकर बताता हूं। इन्होंने जांच क्यों नहीं की।

20 लाख के जियोमेट्रिक सेंटर की राशि गायब

पूर्व में जियोमेट्रिक सेंटर के नाम से 20 लाख की राशि आई थी। तब से जियोमेट्रिक सेंटर वनमंडल कार्यालय के पीछे सान्निध्य भवन में चल रहा है। उस वक्त राशि का क्या हुआ यह अफसर नहीं बता पा रहे हैं। यह जरूर है कि अब वनमंडल कार्यालय के ऊपर 13 लाख की लागत से जियोमेट्रिक सेंटर बनाया जा रहा है। इस मामले में तत्कालीन डीएफओ एसके पैकरा ने यह बात स्वीकार की थी कि जियोमेट्रिक सेंटर के लिए आई राशि के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

बीबीसी लाईव

Related Posts

leave a comment

Create Account



Log In Your Account