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Diamonds: जानिए हीरा कब और क्यों धारण करना चाहिए?

Diamonds: जानिए हीरा कब और क्यों धारण करना चाहिए?

Diamonds: जानिए हीरा कब और क्यों धारण करना चाहिए?

Written By: Pt. Anuj K Shukla

बीबीसी लाइव-

लखनऊ। राक्षसों का गुरू शुक्र भोग-विलास, सौन्दर्य कला, प्रतिभा, ऐशो-आराम रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या शुक्र की नीच राशि कहलाती है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। प्राकृतिक कुण्डली में शुक्र दूसरे एवं सप्तम भाव का मालिक होता है, इसलिए शुक्र का परिवार और वैवाहिक जीवन पर विशेष प्रभाव रहता है।

चलिए  जानते है कि अगर आपकी कुण्डली में शुक्र सप्तम भाव में स्थित है तो आपको हीरा धारण करने से लाभ होगा या फिर नुकसान ?

शुक्र द्वितीयेश-सप्तमेश होकर सप्तम भाव में अपनी राशि तुला में स्थित होगा

कब करें हीरा धारण

  • मेष लग्न-शुक्र द्वितीयेश-सप्तमेश होकर सप्तम भाव में अपनी राशि तुला में स्थित होगा। हीरा धारण करने से आर्थिक सुदृढ़ होगी, पत्नी सुख मिलेगा एवं कारोबार में उन्नति होगी।
  • वृष लग्न-इस लग्न में शुक्र लग्नेश-षष्ठेश सप्तम भाव में वृश्चिक राशि में स्थित होगा। हीरा धारण करने से जातक कामुक बन जायेगा अन्यत्र शैयया सुख की तलाश करेगा। किन्तु आर्थिक दृष्टि से सन्तुष्ट रहेगा।
  • मिथुन लग्न-शुक्र द्वादशेश-पंचमेश होकर सप्तम भाव में धनु राशि में स्थित होगा। हीरा धारण करने से लव-मैरिज का योग बनेगा।
  • कर्क लग्न-शुक्र लाभेश-चतुर्थेश होकर सप्तम भाव में मकर राशि में स्थित होगा। हीरा धारण करने से धन लाभ में वृद्धि होगी। घरेलू-सुख में भी वृद्धि होगी। धन सम्मति, ज्वैलरी, अच्छे वाहन का सुख मिलेगा।

हीरा

हीरा धारण करने से व्यापार में भी वृद्धि होती है

  • सिंह लग्न-शुक्र तृतीयेश-दशमेश होकर सप्तम भाव में कुम्भ राशि में स्थित होगा। अतः हीरा धारण करने से व्यापार में भी वृद्धि होगी। प्रयत्नों में भी कामयाबी मिलेगी।
  • कन्या लग्न-शुक्र द्वितीयेश-भाग्येश होकर सप्तम भाव में अपनी उच्च राशि में मीन में स्थित होगा। हीरा धारण करने से जातक को अनेक स्त्रियों से सम्बन्ध होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कामकाज/व्यापार में वृद्धि होगी।
  • तुला लग्न-शुक्र लग्नेश-अष्टमेश होकर सप्तम भाव में स्थित होगा। हीरा धारण करने से जातक में कामुक प्रवृत्ति बढ़ेगी, पत्नी सुख भी मिलेगा। स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। धन सम्पपित्त बढ़ेगी एवं उच्चकोटि का वाहन मिल सकता है।
  • वृश्चिक लग्न-शुक्र द्वादशेश-सप्तमेश होकर सप्तम भाव में वृष राशि में स्थित होगा। अतः हीरा धारण करने से कारोबार में उन्नति होगी, दाम्प्त्य प्रेम में वृद्धि होगी एवं अविवाहितों का विवाह शीघ्र होगा।

षष्ठेश-लाभेश सप्तम भाव में मिथुन राशि में स्थित होगा

धन लाभ में वृद्धि

  • धनु लग्न-इस लग्न में शुक्र षष्ठेश-लाभेश सप्तम भाव में मिथुन राशि में स्थित होगा। इसलिए हीरा धारण करने से धन लाभ में वृद्धि होगी किन्तु स्वास्थ्य कुछ ढीला रह सकता है।
  • मकर लग्न-शुक्र पंचमेश-दशमेश होकर सप्तम भाव में कर्क राशि में स्थित होगा। अतः हीरा धारण करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम के मामले में सफलता प्राप्त होती है।
  • कुम्भ लग्न-शुक्र चतुर्थेश-भाग्येश होकर सप्तम भाव में सिंह राशि में स्थित होेगा। इसलिए हीरा धारण करने से घरेलू खर्चो में वृद्धि होगी एवं भाग्य पक्ष में मजबूती ओयगी।
  • मीन लग्न-शुक्र तृतीयेश-अष्टमेश होकर सप्तम भाव में कन्या राशि में स्थित होगा। क्योंकि शुक्र नीच राशि में होगा। अतः हीरा सोंच-समझकर पहने अन्यथा हानि हो सकती है।

बीबीसी लाईव

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