पिछले 5 सालों में इस मंत्रालय ने सबसे अधिक RTI आवेदन किए खारिज, ये रही वजह

पिछले 5 सालों में इस मंत्रालय ने सबसे अधिक RTI आवेदन किए खारिज, ये रही वजह

पिछले 5 सालों में इस मंत्रालय ने सबसे अधिक RTI आवेदन किए खारिज, ये रही वजह

पिछले पांच वर्षो में सूचना के अधिकार आरटीआई के तहत दायर आवेदनों में से औसतन 7.3 प्रतिशत आवेदन अस्वीकृत कर दिये गये.

अब्दुल सलाम क़ादरी(बीबीसी लाइव)-

नई दिल्ली: पिछले पांच वर्षो में सूचना के अधिकार आरटीआई के तहत दायर आवेदनों में से औसतन 7.3 प्रतिशत आवेदन अस्वीकृत कर दिये गये. केंद्रीय सूचना आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन 2016-17 के अनुसार, साल 2012-13 से 2016-17 तक यानी पांच वर्षों के दौरान वित्त मंत्रालय में सूचना के आवेदनों में से 18.41 प्रतिशत अस्वीकृत कर दिये गए जबकि गृह मंत्रालय में 16.08 प्रतिशत, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में 14.37 प्रतिशत, प्रधानमंत्री कार्यालय में 10.21 प्रतिशत आवेदन अस्वीकृत हुए.

सूचना का अधिकार अधिनियम को 15 जून 2005 को संसद की मंजूरी मिली थी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में 9.56 प्रतिशत, कोयला मंत्रालय में 7.10 प्रतिशत, कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्रालय में 5.76 प्रतिशत, रक्षा मंत्रालय में 6.81 प्रतिशत, कंपनी मामलों के मंत्रालय में 5.78 प्रतिशत और नागर विमानन मंत्रालय में 4.74 प्रतिशत आवेदन अस्वीकृत हुए. उल्लेखनीय है कि सूचना का अधिकार अधिनियम को 15 जून 2005 को संसद की मंजूरी मिली थी और यह उसी वर्ष अक्तूबर में लागू हुआ था.

आरटीआई एक ऐसा तंत्र है जहां हम गोपनीयता की संस्कृति को पारदर्शिता में बदलने में सक्षम हैं: अरूणा रॉय
इस बारे में जानी मानी आरटीआई कार्यकर्ता एवं समाजसेवी अरूणा रॉय ने कहा कि आरटीआई को, व्यवस्था को जिम्मेदार बनाने तथा राजनीतिक प्रतिष्ठान को कसौटी पर कसने के वृहद लोकतांत्रिक और जन संवैधानिक हथियार के रूप में देखे जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आरटीआई एक ऐसा तंत्र है जहां हम गोपनीयता की संस्कृति को पारदर्शिता में बदलने में सक्षम हैं. लेकिन गोपनीयता के नाम पर काफी संख्या में आवेदनों के जवाब नहीं दिये जा रहे हैं अथवा इन्हें अस्वीकृत किया जा रहा है.

पांच वर्षो में आईटीआई आवेदनों की प्राप्ति में एक अस्थिर प्रवृति देखी जा रही है
राय ने जोर दिया कि व्हिसल ब्लोअर क़ानून में आरटीआई का इस्तेमाल करने वालों को संरक्षण दिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि कार्यकर्ताओं को कमजोर करने और उन्हें आवेदन करने से रोकने तथा सूचना के स्वतंत्र प्रवाह को अवरुद्ध करने के प्रयास किये जा रहे हैं. साल 2012-13 से 2016-17 के दौरान पांच वर्षो में आईटीआई आवेदनों की प्राप्ति में एक अस्थिर प्रवृति देखी जा रही है.

साल 2012-13 में सूचना आवेदनों की कुल संख्या 8,86,681 थी
साल 2012-13 में सूचना आवेदनों की कुल संख्या 8,86,681 थी जो 2013-14 में बढ़कर 9,62,630 हो गई. साल 2014..15 के दौरान सूचना के अधिकार के तहत आवेदनों की संख्या घटकर 8,45,032 हो गई हालांकि 2015-16 में यह बढ़कर 11,65,217 हो गई. साल 2016-17 में सूचना आवेदनों की संख्या में मामूली गिरावट आई और इस दौरान 11,29,457 आवेदन प्राप्त हुए.

साल 2012-13 के दौरान 62,231 सूचना आवेदन अस्वीकृत हुए जबकि 2013-14 में 60,127 आवेदन, साल 2014-15 में 63,351 आवेदन, साल 2015-16 में 64,666 आवेदन तथा 2016-17 में 60,428 आवेदन अस्वीकृत हुए.

इनपुट भाषा से भी

बीबीसी लाईव

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